स्वच्छता सन्देश
प्रिय छात्रगण, शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण,
आशा है कि आप सभी स्वस्थ और प्रसन्न होंगे।
मैं आज आप सभी का ध्यान स्वच्छता के महत्व की ओर आकर्षित करना चाहता/चाहती हूँ—चाहे वह हमारे विद्यालय में हो या हमारे दैनिक जीवन में। एक स्वच्छ वातावरण एक स्वस्थ शरीर और एक एकाग्र मन को बढ़ावा देता है। एक जिम्मेदार विद्यालय समुदाय के सदस्य होने के नाते, यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने चारों ओर की जगह को साफ़-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखें।
आइए हम स्वच्छता को एक आदत बनाएं—ना कि केवल एक बार करने वाला कार्य। हम सभी कुछ सरल तरीकों से योगदान दे सकते हैं:
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कक्षा, गलियारों और खेल के मैदानों को कचरा मुक्त रखें।
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कूड़ेदान का सही उपयोग करें—कभी भी ज़मीन पर थूकें नहीं और न ही कचरा फेंकें।
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व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें—रोज़ाना स्नान करें, साफ़ कपड़े पहनें और नियमित रूप से हाथ धोएं।
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विद्यालय की संपत्ति का ध्यान रखें, और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
स्वच्छता केवल अच्छा दिखने के लिए नहीं है—यह हमारे आत्म-सम्मान, दूसरों के प्रति सम्मान और हमारे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाती है।
आइए हम सब मिलकर अपने विद्यालय को स्वच्छता और गौरव का एक उदाहरण बनाएं।
स्मरण रहे: “स्वच्छता ईश्वर के समीप है।”
सादर,
श्री जे. पी. बोहरे
प्राचार्य